Ajay Tripathi's blog

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जगत गुरु शंकरचर्या ने विप्र वार्ता हिंदी मासिक का विमोचन किया

Vipra Varta Lokarpan in Jagadguru Shankaracharya Swami Jayendra Saraswati Amrit Mahotsava by Chhattisgarh Chief Minister Dr. Raman Singh, Speaker Shri Dharma Lal Kaushik, Culture Minister Shri Brijmohan Agrawal, Mahant Ram Sunder Das MLA, Virendra Pandey, Dandi Swami Sachichhidanand Tirth.

कल की शाम सुहानी थी मोका था , विप्र वार्ता के विमोचन का वो भी जगत गुरु के करकमलो और इस समय उपस्थित थे प्रदेश मुखिया डॉ रमण सिंग ,विधान सभा अध्यछ धरम लाल कोसिक पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल डंडी स्वामी सचिदानन्द तीर्थ विधायक महंत रामसुंदर दास ब्रह्मण समाज के प्रमुख वीरेन्द पाण्डेय रामास्वामी मुंबई , विप्रवार्ता गत तीन वर्षो से निरंतर प्रकाशित हो कर सर्व समाजो के प्रति ब्राहमणों के कर्तव्यों को जागृत करने का बीड़ा उठाये चल रही है रायपुर छत्तीसगढ़ के अम्बा देवी मंदिर परिसर सत्ती बाज़ार से छप रही है जगत गुरु कामकोच्ची मठ के पीठ धीसवर श्री १००८ जयेंद्र सरस्वती ने इस पुष्प रुपी पत्रिका को पुष्पित किया , मंच का सञ्चालन कर रहे पी भानु जी राव ने जब घोसणा की तो सम्पादक धनंजय त्रिपाठी ,हेमंत तिवारी के साथ सुन्दर कागज में लिपटी विप्र वार्ता को देखने सभी आतुर हो गए और हॉल तालियों की गढ़ गढ़ाहट से गूंज उठा सभी अथितियो ने पत्रिका के पन्ने अलता पलता कर देखे और सम्मान से बधाई दी ! जगत गुरु कामकोच्ची मठ के पीठ धीसवर श्री १००८ जयेंद्र सरस्वती का आशीर्वाद पा कर patrika संपादन टीम दूने वेग से काम करने उत्साहित है !

Dr. Raman Singh Chief Minister Chhattisgarh reading Vipra Varta February 2010 Edition in Jagadguru Shankaracharya Swami Jayendra Saraswati Amrit Mahotsava 2010 and Ajay Tripathi.

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हिन्दू मुस्लिम भाई - भाई की ---- जागरूकता लाये

हिन्दू मुस्लिम भाई - भाई तो ये सब बाते कहा से आई , मोहन भाई आप हिन्दू है और मै............................... तो फर्क क्या , है तो इंसान न , हमारे भी दो हाथ पैर और उनके भी , वो अल्ला अल्ला बोलते है हम हे प्रभु परमात्मा ................  read more »

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आज होली

आज का होली का त्यौहार हिन्दुयो के प्रमुख त्यौहार है पुरे भारत में आज से बसंत पंचमी तक रंगों का त्यौहार मनाया जाता है होली का त्यौहार भाइयो को भाइयो से प्रेम का त्यौहार है इस दिन होलिका दहन से अपने दिलो के मेल जलाने और सब कुछ भूल क  read more »

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B. S. N. L. रिचार्ज कूपन से बिल

B. S. N. L. भारतीय दूरसंचार सेवा अब अपने उपभोग्तायो के लिए बिल पटाने का नयी योजना प्रारम्भ करने जा रहा है !  read more »

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मोहन जी आप तो g24 पर निरंतर आरहे बधाई

मोहन जी आप तो g24 पर निरंतर आरहे बधाई आपके कार्यकर्मो से बच्चो से बहुत लाभ हो रहा है ये अच्छी बात है g24 को भी बधाई आपके जानकारियों से समाज को नई दिशा मिल रही है देस विदेस में रहने वाले बच्चो को आपको देखने सुनाने का मौका मी रहा है आपके  read more »

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भगवान राम और सीता का संबंध छत्तीसगढ़ सहित विदेशों तक

भारत में भगवान राम के बिना प्रत्येक चर्चा अधूरी मानी जाती है । रामचन्द्र जी के संपूर्ण प्रसंगों में भारत का उल्लेख हर जगह मिलता है । भरतवंश और भारत एक दूसरे के पूरक कहे जा सकते हैं । रामायण काल के अवशेष आज भी पूरे भारतवर्ष में विराजमान है । इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है । जहां देश में उ.प्र. और मध्यप्रदेश में चित्रकूट विराजमान है तो छत्तीसगढ़ के बस्तर में भी चित्रकूट का जल प्रपात उसी कहानी को कहता है । ऐसे ही अध्ययन को एक मुकाम तक पहुंचाते हुए पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के इतिहास वेत्ताओं ने रामचन्द्र जी के वन गमन मार्ग में छत्तीसगढ़ का उल्लेख उनके वर्तमान में पाये जाने वाले शिलालेखों को लेकर एक नवीन वन गमन मार्ग की रचना की है । जिससे आने वाला समय छत्तीसगढ़ को भगवान रामचन्द्रजी से और निकट से जोड़ेगा ।

इसी प्रकार भगवान रामचन्द्र जी के वनवास के दौरान सीता माता की अपहरण से जुड़ी घटना भी एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है । इस घटना पर समाज के वर्तमान परिस्थितियों में उल्लेख करते हुए विभिन्न अवसरों पर इसे उध्दृत कर निर्णय लिये जाते हैं । माता सीता की खोज में भगवान हनुमान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।

भगवान रामचन्द्र जी की मुंदरी (अंगूठी) को लेकर वे जिन स्थानों पर गये उनमें आवर्तन (ब्रिटेन), अश्वक्रांत (यूरोप), रूम पट्च्चर इटाली (रोम), इंद्रुद्वीप व इंद्रद्वीप (इंग्लैण्ड), पशुशील (पुर्तगाल), क्रोंच कमथकामल (जर्मनी), सैनिक कुक्कुट हालैंड (बैल्जियम), अश्वक व आश्वीय (आस्ट्रिया ), प्रलिया कुहक (फ्रांस), तामस (स्पेन), मारक व माठक (डेनमार्क, स्वीडन), तुरष्क (स्कैंडेनेविया), आरण्यक (यूरोपियन हरकी), कानिवाल (केनिवल), बर्बर (बारबेरी), रथक्रांत सूर्यारिका (अफ्रीका), उपद्वीप, वरूण, राक्षसावास, वारिधाम (अफ्रीका के उपद्वीप), विष्णुक्रांत व असेचेनक (एशिया), हैख (साइबेरिया), रूस, शक तुरूष्ट (एशियार्टिक टरकी), महाचीन (चीन), तालतोषक (तिब्बत), पार्वत (टार्टरी), आर्वन (अरब), पारस्य (ईरान), तुखारा (बुखारा), शुद्र पवन व महका (मक्का), पहनव (काबूल), नार्दिनाश कारस्कर (मदीना), गांधार (कंधार), ब्रह्मदेश व ब्र्हमा (बर्मा), अपवाह व अपक्रांत (मस्तक), उपमल्लव (मलेका), सिघलद्वीप , सीलोन (श्रीलंका), स्वर्णभूमि व कुमारद्वीप (अमेरिका), उत्तरकुमार (उत्तरी अमेरिका), दक्षिण कुमार (दक्षिण अमेरिका), रमणक (आस्ट्रेलिया), तूलह (ब्राजील), हिरयपुर (पेरू), दरद (भूटान) प्रमुख रूप से शामिल है ।

पवन सुत हनुमान को स्वामी भक्त के रूप में देखा जाता है और वही वनगमन का मार्ग छत्तीसगढ़ और भारत में भी विभिन्न इतिहास वेत्ताओं के द्वारा ऐतिहासिक शिलालेखों में दर्ज इतिहास को पढ़कर यह प्रमाणित किया जा रहा है कि सीता माता और भगवान राम का वन गमन क्षेत्र कितना विस्तृत और विशाल रहा होगा । इसे उस काल की वैज्ञानिक उपलब्धि का सहज पैमाना बनाया जा सकता है ।

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प्यार का पर्व वेलेंतायन डे तो मनाये पर पेरेंट्स डे को याद रखे

१४ फरबरी को एक बार प्यार के पर्व के रूप में मानाने प्यार के दीवाने तेयार है . ये पर्व हर साल की तरह फिर चर्चा में है 'राजधानी के तथाकतिथ हिंदूवादी परदे के पीछे प्यार करने वाले नेता आपने राजनेतिक लाभ के लिए इसका विरोध करते है प्यार कोई ईसी वेइसी चीज नहीं जो केवल दिखावा हो . ये तो दो दिलो का मिलन , दो दिलो की आत्मायो का मिलन ,दो दिलो के शारीर का मिलन , दो दिलो की भावनायो का मिलन और तो और दो लोगो का सम्पूर्ण मिलन होता है . जिसके एह्सास को केवल करने वाला और पाने वाला ही कर सकता है .हा लेकिन ये सार्वजानिक करने की चीज नहीं है .लेकिन किन्ही भी स्थानो पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों का विरोध भी जायज नहीं कहा जा सकता है मैंने पिचले वर्ष यह महशुश किया था की हम विदेशी संस्कृती के वेलेंतायन डे को तो बड़े जोर शोर से मानते है लेकिन उनके ही द्वारा मनाये जाने वाले पेरेंट्स डे को याद भी नहीं करते है , जबकि भारतीय संस्कृती में माता पिता पालक का सर्वोच्च स्थान है

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भगवान शिव की साधना

महाशिव रात्रि का पर्व हिन्दुयो का पूज्य पर्व है इसे शिवलिंग का जन्मदिन मानाजाता है एस दिन वृत रखने से पापो का नाश होता है . फाल्गुन कृषण पक्छ की चतुर्दसी न को अंधकार मयी रात्रि का आगमन होता है उस दिन को महाशिव रात्रि माना गया है . ओम नमशिवय , त्रिपुंड .

, महा मृतुन्जय मंत्र , शिव ओंकार जप , जैसे शिव सहस्त्र नमो के जप करने से मोक्छा मिलना हमारे ग्रंथो पुराणों में बताया गया है .

छत्तीसगढ़ में भगवान शिव हे अनेक सिध्द मंदिर है . राजिम के पंचकोसी चम्पेस्वर महादेव सिरपुर शिवरीनारायण भोरमदेव बुधेसवर महादेव फनिकेस्वर महादेव बुधेस्वरनाथ रतनपुर मनेंदगढ़ मारवाही कवर्धा कुम्हारी चुरिया जसपुर आरंग जैसे अनेक स्थानो पर भगवन शिव विराजमान है

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पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल युवा विकास का अंग

बच्चों, और युवाओं के बहुमुखी विकास के लिये खेलों और शारीरिक शिक्षा पर विशेष जोर देने के इरादे से खेल और युवा मामलों के मंत्रालय ने पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को हर स्तर पर खेलों की गतिविधियों से जोड़ना है।

इस योजना के उद्देश्यों में निचले स्तर पर खेल गतिविधियों के आयोजन से खेलों को व्यापक आधार प्रदान करना, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्टता को बढावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के विकास पर जोर देकर खेलों को लोकव्यापी स्वरूप प्रदान करना शामिल है। इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिये पंचायत स्तर पर खेलों का बुनियादी ढांचा तैयार करना और विकास खंड एवं जिला स्तर पर खेलों की वार्षिक प्रतियोगिताएं आयोजित करना है  read more »

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aaj ke yuva

Aaj ka yuya bharat ko 21vi shatabdi ki or le jane ke liye puri tarah hai. aaj ke computer yug ko vha aatmasat kar comuter ko khel ki tarah khel raha hai. Shikhha ke Chhetr me ushki unnatti aasman ko chhu rahi hai. Desh me jish gati se shikhha ka star uta hai aye din nai nai course chatro ke liye uske jiyan yapan ke rate ban rahe hai. b.a., b.com, b.sc., engniiering aur medical ke bad phd. huaa karti thi. aab jhan har gaon gali mohalo me engineering college khul gaye hai vahi m.b. ke sat marketing ki pakad babab=ne ki shiksha aaj ka yuva le raha hai.  read more »

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