चक दे इंडिया

mohanbhaya's picture

चक दे इंडिया
कहतें हैं कि-" आशाएं , कोशिशें , और मिल -जुल कर कोई भी काम किया जाये तो सफलता सरलता से मिल जाती है ." बस यही वोह साधारण सा सूत्र है जिसका हम सभी को पालन करना होता है , पर पता नहीं क्यों हम इसका पालन नहीं कर पातें हैं ? इसके पालन के लिए किसी तरह भी प्रकार की योग्यता की आवश्यकता नहीं होती , जरुरत होती है तो केवल आपसी सामंजस्य की , एक उदेश्य की, लगन की , और राष्ट्रीयता की भावना की , यदि इन सबको हम अपने अन्दर जीवित करते हुए अपना हर काम करतें रहें तो न केवल हम बल्कि हमारा राष्ट्र भी इस दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हो सकता है .

हमें केवल करना इतना है कि -" हमारे आस -पास यदि कुछ गलत हो रहा है तो उसकी सूचना संबधित कार्यालय या अधिकारी को दे दें , यदि हमारे मोहल्ले , कालोनी में कोई असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियाँ संचालित करतें हों तो नजदीक के पोलिस थानें में सूचना दे दें , यदि कोई दुकानदार बिना बिल के अपना सामान बेचता दिखे तो इसकी सूचना संबधित कार्यालय या अधिकारी को दे दें , इसी तरह कोई भी असामाजिक कार्य होता हो जिसकी आपको खबर मिले या आप खुद देखें उसकी सूचना जरूर देना न भूलें . इस बात कि कोई परवाह न करें कि कोई आपके साथ है या नहीं ? अपना काम करतें रहें , धीरे -धीरे आप देखेंगें आप अकेले नहीं है और लोग भी आपके साथ जुड़तें जायेंगे , आप इस बात की भी परवाह नहीं करें कि कोई जन - प्रतिनिधि आपका साथ दे रहा है या नहीं ? इस तरह यदि हर नागरिक अपना कर्तव्य निभाहता रहे तो न केवल हम भी अमन -चैन से रह पायेंगें अपितु हमारे आस -पास का वातावरण भी अच्छा रहेगा साथ ही हम भी ख़ुशी -ख़ुशी अपना जीवन बिता पायेंगें .
इस बात की बिलकुल भी परवाह नहीं करनी चाहिय कि यह काम तो नेताओं , अधिकारिओं का है हम ही क्यों करें ? क्यों हम अपना समय ख़राब करें , तो यदि हम इस तरह की सोच रखेंगें तो हर वो असामाजिक तत्व , देश द्रोही प्रवति के लोग अपने स्वार्थ के लिए अशांति फैलातें रहेंगें और हम निश्चिन्त हो कर नहीं जी पायेंगें . वर्तमान में यदि हम देखें तो अलगाव वादी तत्व किस तेजी से हमारे देश में अपना सिर उठा रहें हैं ? और हम है कि इतने प्रयास करतें हैं फिर भी उन पर रोक नहीं लगा पा रहे . हमारी इस लापरवाही का ही उदहारण है प्रतिदिन बढते अपराध , बैंक डकेती , ट्रेनों में चोरियां , घरों में सेंध , आदि -आदि घटनाएँ घटती रहतीं हैं और हम केवल प्रशासन , पोलिस को दोष देतें है कि वे कुछ नहीं करते ? सोचिय ...अपनी लापरवाही को तो हम दूर नहीं करते बल्कि दोष देने में आगे रहतें हैं ....क्या यह सही है ?
तो मित्रो इस नए वर्ष में यदि हम इसी तरह का कोई वचन लेने और उसका पालन करने के बारें में गंभीरता से सोचें तो......iकहिये क्या हम यह नहीं कर सकते ....iiकर सकते हैं न ...i
शेष फिर
आपका ही -
मोहन भया
(ग्लोबलटूरिस्टर)

Comments

Guest's picture

सौदा कैडबरी

सौदा सौदा कैडबरी

चॉकलेट बनाने वाली मशहूर ब्रितानी कंपनी कैडबरी के बोर्ड ने अमरीकी कंपनी क्राफ़्ट की नई बोली को स्वीकार कर लिया है.

कैडबरी अब अपने शेयर धारकों से अनुरोध करेगी कि वह 840 पेन्स प्रति शेयर के प्रस्ताव को स्वीकार कर ले. इस तरह से कंपनी की क़ीमत लगभग 862अरब रुपए के क़रीब
इस सौदे के साथ ही दोनों कंपनियों के बीच कई महीनों से चली आ खींचतान भी ख़त्म हो जाएगी.
जो सौदा हुआ है उसके अनुसार, 500 पेन्स नकद दिए जाएंगे और शेष राशि के बदले क्राफ़्ट के शेयर दिए इससे पहले क्राफ़्ट ने 761 पेन्स प्रति शेयर की क़ीमत लगाई थी जिससे कि कैडबरी का मूल्य 10.5 अरब डॉलर बैठता था. तब कैडबरी के चेयरमैन रोजर कार ने कहा था कि वे 'कैडबरी को सस्ता ख़रीदना चाहते' हैं.
जब पिछले साल जब क्राफ़्ट ने पहली बार कैडबरी को ख़रीदने में दिलचस्पी दिखाई थी तो कैडबरी की यूनियन और कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था. उन्हें आशंका थी कि इस सौदे के बाद दुनिया भर में कैडबरी के 40 हज़ार कर्मचारियों की नौकरियाँ कि संभावना है कि क्राफ़्ट समरडेल और बॉर्नविले की फ़ैक्ट्रियों में कोई कटौती नहीं करेगी