आंगनबाड़ी में बेहतर भोजन

अब एक बार से अधिक भोजन मिलेगा आंगनबाड़ी में

आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को एक बार से अधिक भोजन दें जिसमें दूध, केला, अंडा, मौसमी फल पर आधारित सुबह का नाश्ता हो और उसके बाद गर्मा-गर्म भोजन दिया जाए । भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की भारतीय राज्यों को यह सलाह इंडिया के बच्‍चों को एक वरदान हो सकती है ।

भारतीय राज्यों को यह सलाह भी दी गयी है कि वे तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के कमजोर बच्चों को शक्तिवर्धक खाद्य भी नियमित भोजन के साथ दें । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने अपने मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों को यह जानकारी दी ।

भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का फैसला है कि बच्चों की बढ़त और दुग्धपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी करने की प्रणाली को मजबूत किया जाए ।

श्रीमती तीरथ ने बताया कि एकीकृत बाल विकास सेवाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए माता एवं बालक सुरक्षा कार्ड शुरू किए जाएंगे ।

बच्चों के पोषण संबंधी भरोसेमंद आंकड़ों के बारे में सांसदों द्वारा दिए गए सुझावों पर मंत्री महोदया ने कहा कि उनके मंत्रालय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह कुपोषण को मद्देनजर रखते हुए कम से कम उन ग्यारह राज्यों में प्रतिवर्ष सर्वेक्षण जरूर कराए जहां स्थिति शोचनीय है ।

बैठक में भाग लेने वाले सांसदों ने एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यक्रमों की निगरानी का मुद्दा उठाया और निगरानी प्रणाली में जन प्रतिनिधियों को सम्मिलित करने का सुझाव दिया । सदस्यों ने आंगनबाड़ी के लिए इमारतों के निर्माण और उनकी गतिविधियों में महिला संगठनों तथा पंचायतों को शामिल किए जाने का भी सुझाव दिया।

चर्चा में श्रीमती सुष्मिता बौरी, श्री एकनाथ एम. गायकवाड़, श्रीमती जयश्री बेन पटेल, श्रीमती झांसी लक्ष्मी बोटचा, श्री अनंत कुमार हेगड़े, श्रीमती कमला देवी पाटले और श्री निखिल कुमार चौधरी ने हिस्सा लिया ।