अनिवार्य मतदान

Ajay Tripathi's picture

भारत के विशाल लोकतंत्र में गुजरात प्रदेश ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले महानगर पालिका , नगर निगम व स्थानीय पंचायत चुनावों में जनता को मत देना अनिवार्य करने का विधेयक पारित कर दिया । ऐसा मतदान अनिवार्य करने वाले प्रदेश यह देश का पहला राज्य बना है । गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कदम को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम निरूपित किया है ।

अनिवार्य मतदान में नकारात्मक वोटिंग भी किये जाने की शुरूआत की गयी है । इसका उजाला पक्ष भविष्यमें देखने को मिलेगा । लेकिन संविधान में और संविधान के निर्माताओं ने भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक विभिन्न धर्मावलंबी विभिन्न भाषायी देश में इसे अनिवार्य न करने के पीछे भी अपने सोच रही होगी । विश्व के अंदर जहां भी अनिवार्य मतदान की परिकल्पनाएं हैं वहां का लोकतंत्र भारत के लोकतंत्र जैसा मजबूत नहीं है ।

इस कानून के पीछे नकारात्मक वोट दिये जाने के साथ इस बात का अंदेशा बढ़ेगा कि प्रदेश में उस क्षेत्र की कुल आबादी का अधिकांश हिस्सा यदि किसी उम्मीदवार या उम्मीदवारों के पक्ष में नकारात्मक वोट करता है तो न्यूनतम मतदान के आधार पर प्राप्त वोटों में उम्मींदवार को विजयी घोषित करने का प्रावधान किया गया है ।

इस आदेश से यह स्पष्ट हो सकता है कि जिस क्षेत्र में 25-30 प्रतिशत लोग अपने मताधिकार में सकारात्मक दृष्टिकोण रखें और 60 से 75 प्रतिशत नागरिक नकारात्मक दृष्टिकोण रख उम्मीदवारों के विरोध में रहे तो यह कल्पना कैसे साकार रूप ले सकेगी और हमारे प्रजातंत्र का स्वरूप क्या होगा ?

Comments

Post new comment

The content of this field is kept private and will not be shown publicly.